

So finally i was caught conspiring , and both decided it was time for me to go down the earth. The bamboo was gifted to me , and just after the pic i slipped down in a painful position , while holding the bamboo as the flag before surrender .The world I lived is lost in memories . And the memories is now changed to The Lost World ... the world that is lost for the world but the one i Still read and love and read on ...


So finally i was caught conspiring , and both decided it was time for me to go down the earth. The bamboo was gifted to me , and just after the pic i slipped down in a painful position , while holding the bamboo as the flag before surrender .एक प्याले चाय में जो है तेरी तस्वीर छुपी ,
पर शायद नही समझेंगे तेरे अक्स को जिसमे मेरी जान है बसी ....
शाम ढल रही है और हो रहा hai वक्त ,
अब न जाने तुझे में याद भी हूँ की नही ,
अभी भी वोह ५:२२ से ५:५३५ से बीच का घंटा याद है ,
और ६ बजे टर्मिनल पर चाय का कौपौन लेकर रखना ,
वोह तेरी दही पूरी भी याद है और चाय के दो तीन दौरे भी ...
और याद है मुझे वोह तेरा चाँद लम्हों पहेले आ जाना ,
फ़िर जल्दी में चाय पी केर बस के लिए जाना ....
लंबा वक्त हो गया शायद , पर किसी ने कुछ बताया नही ,
उमर गुज़र गई पर लगता है रूह वहीँ जम गई ,
उस्सी शाम की चाय ने केर दिया बेबस आज हमने इतना ,
की चाय का प्याला होठो तक आता तो है ,
पुराने लम्हे याद दिलाता तो है , पर नही होता नशा चाय में ,
नही होता नशा अब चाय में चाय का ,
यादो ने बेचारी चाय का वोह हक भी चीन लिया ...
याद तो हेर प्याले में हम आयेंगे ही ,
रूह छोड़ के आए है हम उन्ही वीरानो में अपनी ,
भटकी है जहाँ चाय की तलाश में दोस्त मेरी ,
मिलती है आज भी शानदार चाय उसको वहीँ पर ,
और एहसास रहता होगा कहीं पर ,
पलट के देखना ए दोस्त कभी ,
हम भी उस्सी प्याले में मुस्कुराते मिलेंगे .....